
चित्तौड़गढ़ में अफीम किसानों की नाराजगी बढ़ती जा रही है।कम कीमत और पुरानी तौल व्यवस्था को लेकर किसानों ने सवाल उठाए हैं।किसानों का कहना है कि अफीम एक महत्वपूर्ण औषधीय फसल है, लेकिन बढ़ती लागत के बावजूद उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल रहा।जहां एक ओर खेती में 80 से 90 हजार रुपए तक खर्च आता है, वहीं दूसरी ओर अफीम का भाव बेहद कम दिया जा रहा है।तौल व्यवस्था को लेकर भी किसानों ने चिंता जताई है।अंतिम तौल तक अफीम के सूखने से वजन कम हो जाता है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।किसानों ने मांग की है कि मूल्य निर्धारण और तौल प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।