जांच की उठी मांगनिलंबन आदेश के बावजूद कर्मचारी से ड्यूटी कराने के आरोप
चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के चित्तौड़गढ़ डिपो में प्रशासनिक आदेशों की पालना को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। रोडवेज से जुड़े सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि मुख्यालय स्तर से जारी निलंबन आदेश के बावजूद संबंधित परिचालक से लंबे समय तक ड्यूटी ली जाती रही।जानकारी के अनुसार जयपुर मुख्यालय द्वारा 30 अप्रैल 2025 को जारी आदेश में चार परिचालकों के खिलाफ निलंबन कार्रवाई करते हुए उनके मुख्यालय अन्य डिपो में स्थानांतरित किए गए थे। इसी क्रम में चित्तौड़गढ़ डिपो के एक परिचालक को राजसमंद भेजने के निर्देश दिए गए थे।बताया जा रहा है कि अन्य स्थानों पर आदेशों की पालना तत्काल कर दी गई, लेकिन चित्तौड़गढ़ डिपो में संबंधित कर्मचारी की ड्यूटी जारी रही। इसको लेकर डिपो प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।बाद में 3 जून 2025 को जारी नए आदेश में संबंधित कर्मचारियों को बहाल कर दिया गया। इसके बाद पुराने आदेश की प्रक्रिया को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं।सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रतिनिधियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आदेश प्राप्ति, उपस्थिति रजिस्टर, मार्ग पत्रक और प्रशासनिक कार्रवाई के रिकॉर्ड की जांच कराई जाए। साथ ही यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
